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नवग्रह शांति के उपाय: हर ग्रह का एक आसान उपाय

नवग्रह शांति के उपाय: हर ग्रह का एक आसान उपाय

सूर्य से केतु तक, नौ ग्रहों के आसान उपाय एक जगह। हर ग्रह का दिन, रंग, रत्न, मंत्र और दान, साथ में नवग्रह शांति पूजा और कमज़ोर ग्रह की पहचान।

हमारे जीवन का हर पहलू, जैसे करियर, धन, विवाह, स्वास्थ्य और मन की शांति, ज्योतिष में किसी न किसी ग्रह से जुड़ा माना जाता है। यह लेख नौ ग्रहों के लिए एक-एक आसान उपाय की पूरी गाइड है, जिसे आप घर पर बिना ज़्यादा खर्च के कर सकते हैं।

  • बहुत से लोग जानना चाहते हैं कि उनकी समस्या किस ग्रह से जुड़ी है और उसका सबसे सरल उपाय क्या है।
  • इंटरनेट पर अलग-अलग ग्रहों के उपाय बिखरे हुए मिलते हैं, जिससे भ्रम होता है।
  • इसलिए हमने इस एक लेख में सभी नवग्रहों की जानकारी एक जगह रखी है।
  • इस लेख में आप जानेंगे:
  • नवग्रह कौन-कौन से हैं और जीवन में उनकी भूमिका क्या है
  • एक नज़र वाली सूची: हर ग्रह का दिन, रंग, रत्न, देवता और मंत्र
  • हर ग्रह का एक मुख्य आसान उपाय, साथ में मंत्र और दान
  • नवग्रह शांति पूजा और सभी ग्रहों के लिए सामूहिक उपाय
  • कमज़ोर ग्रह के संकेत कैसे पहचानें
  • हर ग्रह के बारे में विस्तार से जानने के लिए इस लेख में दिए गए संबंधित लेखों के लिंक भी पढ़ें।
  • ज़रूरी बात: ये उपाय धार्मिक मान्यताओं और परंपरा पर आधारित हैं। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार सही उपाय जानने के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लें।

नवग्रह क्या हैं?

वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रह माने गए हैं: सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु (बृहस्पति), शुक्र, शनि, राहु और केतु। इनमें राहु और केतु छाया ग्रह हैं।

  • "ग्रह" शब्द का अर्थ:
  • संस्कृत में "ग्रह" का अर्थ है "जो पकड़ ले" या प्रभावित करे।
  • ज्योतिष में सूर्य और चंद्र भी ग्रह माने जाते हैं, भले ही विज्ञान में सूर्य तारा और चंद्र उपग्रह है।
  • शुभ और पाप ग्रह (स्वाभाविक रूप से):
  • शुभ ग्रह: गुरु, शुक्र, बलवान चंद्र और शुभ ग्रहों के साथ बुध
  • पाप (क्रूर) ग्रह: सूर्य, मंगल, शनि, राहु और केतु
  • ध्यान दें: कोई ग्रह अपने आप में "बुरा" नहीं होता। कुंडली में उसकी स्थिति ही उसका फल तय करती है।
  • ग्रहों के आपसी संबंध:
  • सूर्य, चंद्र, मंगल और गुरु आपस में मित्र माने जाते हैं।
  • बुध, शुक्र और शनि आपस में मित्र माने जाते हैं।
  • इसी कारण रत्न और उपाय चुनते समय ग्रहों की मित्रता-शत्रुता देखी जाती है।
  • नवग्रह मंदिर:
  • भारत के ज़्यादातर शिव मंदिरों में नवग्रह की मूर्तियाँ एक साथ स्थापित होती हैं।
  • तमिलनाडु में कुंभकोणम के आसपास नौ ग्रहों के अलग-अलग प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिन्हें नवग्रह स्थल कहा जाता है।

एक नज़र में: नवग्रह सूची

यह सूची हर ग्रह का दिन, रंग, रत्न, देवता और एक आसान उपाय एक साथ दिखाती है। इसे सेव कर लें, यह रोज़ काम आने वाली जानकारी है।

  • सूर्य: दिन रविवार, रंग लाल-केसरिया, रत्न माणिक, देवता सूर्य देव / श्रीराम। आसान उपाय: सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल।
  • चंद्र: दिन सोमवार, रंग सफ़ेद, रत्न मोती, देवता भगवान शिव। आसान उपाय: शिवलिंग पर दूध-जल अर्पण।
  • मंगल: दिन मंगलवार, रंग लाल, रत्न मूँगा, देवता हनुमान जी। आसान उपाय: हनुमान चालीसा पाठ।
  • बुध: दिन बुधवार, रंग हरा, रत्न पन्ना, देवता गणेश जी / विष्णु। आसान उपाय: गाय को हरा चारा।
  • गुरु: दिन गुरुवार, रंग पीला, रत्न पुखराज, देवता विष्णु / बृहस्पति। आसान उपाय: केले के पेड़ की पूजा, चने की दाल दान।
  • शुक्र: दिन शुक्रवार, रंग सफ़ेद-गुलाबी, रत्न हीरा, देवता माँ लक्ष्मी। आसान उपाय: कन्याओं को खीर या मिठाई।
  • शनि: दिन शनिवार, रंग काला-नीला, रत्न नीलम, देवता शनि देव / हनुमान। आसान उपाय: पीपल के नीचे सरसों तेल का दीपक।
  • राहु: दिन शनिवार, रंग नीला-धूसर, रत्न गोमेद, देवता माँ दुर्गा। आसान उपाय: दुर्गा चालीसा, जौ का दान।
  • केतु: दिन मंगलवार / शनिवार, रंग चितकबरा, रत्न लहसुनिया, देवता गणेश जी। आसान उपाय: कुत्ते को रोटी।
  • ध्यान दें: रत्न सिर्फ़ कुंडली की जाँच के बाद ही पहनें। गलत रत्न नुकसान भी कर सकता है।
  • ऊपर दिए "आसान उपाय" बिना किसी जोखिम के कोई भी व्यक्ति कर सकता है।

सूर्य, चंद्र और मंगल के उपाय

सूर्य आत्मविश्वास का, चंद्र मन का और मंगल साहस का कारक है। इन तीनों को मज़बूत करने के उपाय सबसे सरल माने जाते हैं।

1. सूर्य ग्रह

  • कारक: आत्मा, पिता, सरकारी नौकरी, मान-सम्मान, नेतृत्व, आँखें
  • कमज़ोर सूर्य के संकेत: आत्मविश्वास की कमी, पिता से मतभेद, सरकारी काम में अड़चन, मान-सम्मान में कमी
  • मुख्य आसान उपाय: सूर्य को अर्घ्य
  • रोज़ सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल लें।
  • उसमें थोड़ा लाल चंदन, लाल फूल और अक्षत (चावल) डालें।
  • सूर्य की ओर मुँह करके धीरे-धीरे जल चढ़ाएँ और गिरती धार में से सूर्य को देखें।
  • मंत्र: ॐ घृणि सूर्याय नमः
  • दान (रविवार): गेहूँ, गुड़, तांबा, लाल कपड़ा
  • अन्य उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, पिता का सम्मान, रविवार को नमक कम खाना

2. चंद्र ग्रह

  • कारक: मन, माता, भावनाएँ, जल, नींद, यात्रा
  • कमज़ोर चंद्र के संकेत: बेचैनी, जल्दी भावुक होना, नींद में कमी, माता के स्वास्थ्य की चिंता
  • मुख्य आसान उपाय: शिवलिंग पर दूध-जल
  • हर सोमवार शिवलिंग पर कच्चा दूध मिला जल चढ़ाएँ।
  • "ॐ नमः शिवाय" का 108 बार जाप करें।
  • मंत्र: ॐ सों सोमाय नमः
  • दान (सोमवार): चावल, दूध, चीनी, सफ़ेद कपड़ा, चाँदी
  • अन्य उपाय: माता के पैर छूकर आशीर्वाद लें, चाँदी के गिलास में पानी पिएँ, पूर्णिमा को चंद्र को अर्घ्य दें

3. मंगल ग्रह

  • कारक: साहस, ऊर्जा, भाई, ज़मीन, पुलिस-सेना, रक्त
  • कमज़ोर या अशुभ मंगल के संकेत: ज़्यादा गुस्सा, भाइयों से विवाद, ज़मीन-जायदाद में झगड़े, चोट लगना
  • मुख्य आसान उपाय: हनुमान चालीसा
  • हर मंगलवार हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • हनुमान जी को सिंदूर और बूंदी का भोग चढ़ाएँ।
  • मंत्र: ॐ अं अंगारकाय नमः
  • दान (मंगलवार): लाल मसूर दाल, गुड़, लाल कपड़ा
  • अन्य उपाय: गुस्से पर नियंत्रण, नियमित व्यायाम, भाइयों से अच्छे संबंध
  • विस्तार से पढ़ें: मंगल दोष (मांगलिक) के उपाय: विवाह से पहले पूरी जानकारी

बुध, गुरु और शुक्र के उपाय

बुध बुद्धि और व्यापार का, गुरु ज्ञान और भाग्य का, और शुक्र प्रेम और सुख-सुविधा का कारक है। ये तीनों धन और रिश्तों से सीधे जुड़े माने जाते हैं।

4. बुध ग्रह

  • कारक: बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणित, लेखन, संचार
  • कमज़ोर बुध के संकेत: बोलने में झिझक, पढ़ाई में मन न लगना, व्यापार में घाटा, भूलने की आदत
  • मुख्य आसान उपाय: गाय को हरा चारा
  • हर बुधवार गाय को हरा चारा या पालक खिलाएँ।
  • गणेश जी को 21 दूर्वा चढ़ाएँ।
  • मंत्र: ॐ बुं बुधाय नमः
  • दान (बुधवार): हरी मूँग दाल, हरा कपड़ा, हरी सब्ज़ियाँ
  • अन्य उपाय: बहन, बुआ और मौसी का सम्मान करें, हरे पौधे लगाएँ, वाणी मधुर रखें
  • छात्रों के लिए: पढ़ाई से पहले "ॐ गं गणपतये नमः" का 11 बार जाप करें।

5. गुरु (बृहस्पति) ग्रह

  • कारक: ज्ञान, गुरु, संतान, विवाह (विशेषकर कन्या के लिए), धर्म, भाग्य
  • कमज़ोर गुरु के संकेत: गलत फैसले, विवाह में देरी, संतान की चिंता, बड़ों से अनबन
  • मुख्य आसान उपाय: केले के पेड़ की पूजा
  • हर गुरुवार केले के पेड़ की जड़ में जल और थोड़ी हल्दी चढ़ाएँ।
  • घी का दीपक जलाएँ और भगवान विष्णु का ध्यान करें।
  • मंत्र: ॐ बृं बृहस्पतये नमः
  • दान (गुरुवार): चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र, केले, किताबें
  • अन्य उपाय: माथे पर हल्दी या केसर का तिलक, गुरुजनों और बुज़ुर्गों का सम्मान, गुरुवार का व्रत
  • विवाह में देरी के लिए: गुरुवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

6. शुक्र ग्रह

  • कारक: प्रेम, विवाह (विशेषकर पुरुष के लिए), सौंदर्य, कला, सुख-सुविधा, वाहन
  • कमज़ोर शुक्र के संकेत: वैवाहिक जीवन में खटास, सुख-सुविधाओं की कमी, कला में रुकावट
  • मुख्य आसान उपाय: कन्याओं को मिठाई
  • हर शुक्रवार छोटी कन्याओं को खीर, मिश्री या सफ़ेद मिठाई खिलाएँ।
  • माँ लक्ष्मी को कमल या सफ़ेद फूल चढ़ाएँ।
  • मंत्र: ॐ शुं शुक्राय नमः
  • दान (शुक्रवार): चावल, दूध, दही, सफ़ेद कपड़ा, इत्र
  • अन्य उपाय: साफ़-सुथरे कपड़े पहनें, घर में सुगंध रखें, जीवनसाथी का सम्मान करें, शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा

शनि, राहु और केतु के उपाय

शनि कर्म का, राहु भ्रम और महत्वाकांक्षा का, और केतु वैराग्य का ग्रह है। इन तीनों के उपाय सेवा और दान पर आधारित हैं।

7. शनि ग्रह

  • कारक: कर्म, अनुशासन, नौकरी, सेवा, लंबी आयु, न्याय
  • कमज़ोर या अशुभ शनि के संकेत: काम में देरी, मेहनत का फल न मिलना, कानूनी उलझन, अकेलापन
  • मुख्य आसान उपाय: पीपल पर दीपक
  • हर शनिवार शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।
  • पीपल की 7 परिक्रमा करें।
  • मंत्र: ॐ शं शनैश्चराय नमः
  • दान (शनिवार): काले तिल, सरसों का तेल, काली उड़द, कंबल, जूते
  • अन्य उपाय: मज़दूरों और बुज़ुर्गों की सेवा, ईमानदारी से काम, हनुमान चालीसा
  • विस्तार से पढ़ें: शनि दोष के उपाय: शनिवार के 7 आसान उपाय

8. राहु ग्रह

  • कारक: विदेश, तकनीक, राजनीति, अचानक लाभ-हानि, भ्रम
  • अशुभ राहु के संकेत: बेवजह डर, भ्रम, गलत संगत, नशे की ओर झुकाव, धोखा
  • मुख्य आसान उपाय: माँ दुर्गा की आराधना
  • हर शनिवार दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
  • नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
  • मंत्र: ॐ रां राहवे नमः
  • दान (शनिवार): जौ, नारियल, नीला कपड़ा, सरसों का तेल
  • अन्य उपाय: नशे से दूरी, सोशल मीडिया का सीमित उपयोग, ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध

9. केतु ग्रह

  • कारक: अध्यात्म, मोक्ष, अंतर्ज्ञान, रिसर्च
  • अशुभ केतु के संकेत: मन न लगना, अधूरापन, उलझन, अचानक मोहभंग
  • मुख्य आसान उपाय: कुत्ते की सेवा
  • रोज़ या हर मंगलवार-शनिवार किसी कुत्ते, ख़ासकर काले-सफ़ेद कुत्ते को रोटी खिलाएँ।
  • गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएँ।
  • मंत्र: ॐ कें केतवे नमः
  • दान: चितकबरा कंबल, तिल, मंदिर में ध्वज (झंडा)
  • अन्य उपाय: ध्यान और प्राणायाम, एक लक्ष्य पर टिके रहना
  • विस्तार से पढ़ें: राहु-केतु दोष के सरल उपाय: करियर और मानसिक शांति के लिए

नवग्रह शांति पूजा और सभी ग्रहों के लिए सामूहिक उपाय

जब एक से ज़्यादा ग्रह परेशान कर रहे हों या समझ न आए कि समस्या किस ग्रह से है, तब नवग्रह शांति पूजा और कुछ सामूहिक उपाय किए जाते हैं।

  • नवग्रह शांति पूजा क्या है:
  • इसमें सभी नौ ग्रहों का एक साथ आवाहन, पूजा और हवन किया जाता है।
  • हर ग्रह के लिए अलग समिधा (हवन की लकड़ी) और अलग मंत्र का प्रयोग होता है।
  • यह पूजा गृह प्रवेश, विवाह, नए व्यापार की शुरुआत या कठिन समय में करवाई जाती है।
  • इसे किसी योग्य पंडित से शुभ मुहूर्त में करवाना चाहिए।
  • नवग्रह स्तोत्र (एक श्लोक में सभी ग्रह):
  • ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी भानुः शशी भूमिसुतो बुधश्च। गुरुश्च शुक्रः शनिराहुकेतवः सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु॥
  • इसका रोज़ सुबह पाठ करना सभी ग्रहों की शांति के लिए प्रचलित है।
  • घर पर किए जा सकने वाले सामूहिक उपाय:
  1. नवग्रह मंदिर में दर्शन: किसी भी शिव मंदिर में स्थित नवग्रह की नौ परिक्रमा करें।
  2. सप्तधान्य दान: सात प्रकार के अनाज (गेहूँ, चावल, जौ, मूँग, चना, उड़द, तिल) मिलाकर दान करें।
  3. माता-पिता की सेवा: माता चंद्र और पिता सूर्य के प्रतीक हैं। इनकी सेवा सबसे बड़ा ग्रह उपाय माना जाता है।
  4. गायत्री मंत्र: रोज़ 108 बार गायत्री मंत्र का जाप सभी ग्रहों के लिए शुभ माना जाता है।
  5. हनुमान चालीसा: मंगल, शनि और राहु तीनों के लिए एक साथ लाभकारी माना जाता है।
  6. दिनचर्या: सुबह जल्दी उठना, साफ़-सफ़ाई और ईमानदारी सभी ग्रहों को अनुकूल बनाते हैं।
  • नवग्रह वाटिका:
  • हर ग्रह से जुड़ा एक पौधा माना जाता है: सूर्य के लिए आक, चंद्र के लिए पलाश, मंगल के लिए खैर, बुध के लिए अपामार्ग (चिरचिटा), गुरु के लिए पीपल, शुक्र के लिए गूलर, शनि के लिए शमी, राहु के लिए दूर्वा और केतु के लिए कुश।
  • घर या मंदिर परिसर में इन पौधों को लगाना नवग्रह शांति का पर्यावरण से जुड़ा सुंदर उपाय है।

कमज़ोर ग्रह कैसे पहचानें?

सबसे सही तरीका जन्म कुंडली का विश्लेषण है। लेकिन जीवन की कुछ परेशानियों से भी अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि कौन सा ग्रह कमज़ोर हो सकता है।

  • आत्मविश्वास की कमी, सरकारी काम में अड़चन: सूर्य
  • मन बेचैन, नींद की कमी, भावुकता: चंद्र
  • ज़्यादा गुस्सा, ज़मीन के विवाद: मंगल
  • पढ़ाई, बोलचाल या व्यापार में परेशानी: बुध
  • विवाह में देरी, गलत फैसले, संतान की चिंता: गुरु
  • वैवाहिक खटास, सुख-सुविधा में कमी: शुक्र
  • काम में देरी, मेहनत का फल न मिलना: शनि
  • भ्रम, डर, धोखा, नशे की आदत: राहु
  • मन न लगना, अधूरापन, उलझन: केतु
  • कुंडली में ग्रह कमज़ोर कब माना जाता है:
  • जब ग्रह अपनी नीच राशि में हो।
  • जब ग्रह अस्त हो, यानी सूर्य के बहुत पास हो।
  • जब ग्रह छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो।
  • जब ग्रह शत्रु राशि में हो या पाप ग्रहों से पीड़ित हो।
  • दशा का महत्व:
  • जिस ग्रह की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो, उसका असर उस समय सबसे ज़्यादा महसूस होता है।
  • इसलिए उपाय चुनते समय चल रही दशा ज़रूर देखें।
  • सावधानी: ऊपर दी गई तालिका सिर्फ़ एक सामान्य संकेत है। स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या में पहले डॉक्टर से मिलें।

विस्तार से पढ़ें: ग्रहों से जुड़े हमारे अन्य लेख

इस पिलर लेख में हर ग्रह का संक्षिप्त उपाय दिया गया है। किसी ग्रह या दोष के बारे में पूरी जानकारी के लिए नीचे दिए लेख पढ़ें।

  • शनि ग्रह: शनि दोष के उपाय: शनिवार के 7 आसान उपाय जो शनि के बुरे प्रभाव को कम करें (साढ़ेसाती, ढैय्या, शनि मंत्र और तिल तेल दान)
  • मंगल ग्रह: मंगल दोष (मांगलिक) के उपाय: विवाह से पहले पूरी जानकारी (कुंभ विवाह, हनुमान पूजा और परिहार के नियम)
  • राहु-केतु: राहु-केतु दोष के सरल उपाय: करियर और मानसिक शांति के लिए (मंत्र, दान और राहु काल)
  • काल सर्प दोष: काल सर्प दोष: प्रकार, लक्षण और पूजा विधि (12 प्रकार, त्र्यंबकेश्वर और उज्जैन पूजा)
  • जल्द आ रहे लेख:
  • पितृ दोष के उपाय: श्राद्ध, तर्पण और अमावस्या के उपाय
  • विवाह में देरी के उपाय (गुरु ग्रह)
  • धन प्राप्ति के उपाय (शुक्र और बुध ग्रह)
  • रत्न उपाय: आपकी राशि के लिए कौन सा रत्न शुभ है

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

  • प्रश्न 1: नवग्रह कौन-कौन से हैं?
  • सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु (बृहस्पति), शुक्र, शनि, राहु और केतु।
  • प्रश्न 2: क्या एक साथ सभी ग्रहों के उपाय कर सकते हैं?
  • हाँ, दिन के अनुसार हर ग्रह का उपाय किया जा सकता है। लेकिन बेहतर है कि कुंडली के अनुसार 2-3 मुख्य ग्रहों पर ध्यान दें।
  • प्रश्न 3: सबसे आसान नवग्रह उपाय क्या है?
  • रोज़ सुबह नवग्रह स्तोत्र का पाठ और माता-पिता की सेवा।
  • प्रश्न 4: क्या बिना कुंडली देखे रत्न पहन सकते हैं?
  • नहीं। रत्न ग्रह की ऊर्जा को बढ़ाते हैं, और अशुभ ग्रह का रत्न नुकसान कर सकता है। मंत्र, दान और पूजा बिना जोखिम के किए जा सकते हैं।
  • प्रश्न 5: नवग्रह शांति पूजा कब करवानी चाहिए?
  • गृह प्रवेश, विवाह, नया व्यापार शुरू करते समय, या जब जीवन में लगातार कई परेशानियाँ हों।
  • प्रश्न 6: उपाय कितने दिन करने चाहिए?
  • आम तौर पर 40 दिन या उस ग्रह के दिन के अनुसार 7, 11 या 21 हफ़्ते का संकल्प लिया जाता है।
  • प्रश्न 7: क्या ग्रहों के उपाय से तुरंत लाभ होता है?
  • उपाय आस्था का विषय हैं। इनका असर धीरे-धीरे और व्यक्ति की मेहनत के साथ महसूस होता है, ऐसा माना जाता है।

निष्कर्ष

नौ ग्रह हमारे जीवन के नौ अलग-अलग पहलुओं से जुड़े माने जाते हैं। हर ग्रह का एक आसान उपाय, जैसे सूर्य को अर्घ्य, शिव अभिषेक, हनुमान चालीसा या पीपल पर दीपक, नियमित रूप से करने पर जीवन में संतुलन लाने वाला माना जाता है।

  • इस लेख की मुख्य बातें:
  • सूर्य: रोज़ सुबह तांबे के लोटे से अर्घ्य
  • चंद्र: सोमवार को शिवलिंग पर दूध-जल
  • मंगल: मंगलवार को हनुमान चालीसा
  • बुध: बुधवार को गाय को हरा चारा
  • गुरु: गुरुवार को केले के पेड़ की पूजा
  • शुक्र: शुक्रवार को कन्याओं को मिठाई
  • शनि: शनिवार को पीपल के नीचे दीपक
  • राहु: दुर्गा चालीसा और जौ का दान
  • केतु: कुत्ते को रोटी और गणेश पूजा
  • अंतिम सलाह:
  • सभी उपाय एक साथ शुरू करने के बजाय अपनी कुंडली के अनुसार मुख्य ग्रह चुनें।
  • रत्न सिर्फ़ विशेषज्ञ की सलाह से पहनें।
  • उपायों के साथ अच्छे कर्म, ईमानदारी और माता-पिता की सेवा सबसे बड़ा ग्रह उपाय है।

सर्वे ग्रहाः शान्तिकरा भवन्तु।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिष शास्त्र और लोक परंपराओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। किसी भी परिणाम की गारंटी नहीं दी जाती।

लेखक: Admin

श्रेणी: उपाय

प्रकाशन तिथि: 5 अक्टूबर 2026

स्थिति: प्रकाशित