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राखी के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय: भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए टोटके

राखी के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय: भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए टोटके

राखी के दिन करें ये ज्योतिषीय उपाय जो भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि लाएं।

रक्षाबंधन 2026 तारीख व मुहूर्त: 28 अगस्त 2026, शुक्रवार | शुभ मुहूर्त: सुबह 05:57 से 09:48 बजे तक | अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:56 से 12:48 बजे तक

रक्षाबंधन केवल एक धागा बांधने की रस्म नहीं, बल्कि यह एक ऐसा शुभ अवसर है जब बहन अपने भाई के लिए दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करती है। ज्योतिष शास्त्र में इस दिन कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं, जो यदि श्रद्धापूर्वक किए जाएं, तो भाई के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुरक्षा और सौभाग्य का संचार कर सकते हैं। आइए ज्योतिषाचार्य प्रशांत दैवज्ञ से जानें ऐसे ही कुछ प्रभावी उपाय।

उपाय 1: राखी बांधने से पूर्व गणेश पूजन

किसी भी शुभ कार्य के प्रारंभ में भगवान गणेश की पूजा करना शास्त्रोक्त परंपरा है। राखी बांधने से पूर्व बहन को भगवान गणेश की प्रतिमा अथवा चित्र के समक्ष दीपक जलाकर "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का कम से कम ग्यारह बार जाप करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे भाई के जीवन से समस्त विघ्न दूर होते हैं और आगामी कार्य निर्विघ्न रूप से संपन्न होते हैं।

उपाय 2: चंदन और अक्षत का तिलक

राखी बांधने से पहले भाई के मस्तक पर रोली-अक्षत के स्थान पर, अथवा उसके साथ, चंदन का तिलक भी लगाना विशेष शुभ माना जाता है। चंदन को शीतलता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है, और इसे लगाने से मानसिक शांति एवं आयु में वृद्धि होती है, ऐसा ज्योतिष ग्रंथों में उल्लेख मिलता है। तिलक करते समय अक्षत (साबुत चावल) का उपयोग अवश्य करें, टूटे हुए चावल का प्रयोग अशुभ माना जाता है।

उपाय 3: नारियल भेंट करने की परंपरा

रक्षाबंधन के दिन बहन को भाई को एक साबुत नारियल अवश्य भेंट करना चाहिए। नारियल को ज्योतिष में शुभता, समृद्धि और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। यह श्रीफल भी कहलाता है और इसे भेंट करने से भाई के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

उपाय 4: भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र के साथ रुद्राक्ष

यदि भाई की कुंडली में शनि, राहु अथवा केतु से संबंधित कोई दोष हो, तो सामान्य राखी के साथ-साथ एक छोटा रुद्राक्ष का दाना भी उसमें पिरोकर बांधना विशेष लाभकारी माना जाता है। रुद्राक्ष को भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है और यह नकारात्मक ऊर्जा एवं ग्रह दोषों के प्रभाव को न्यून करने में सहायक होता है।

उपाय 5: भाई द्वारा बहन को उपहार में तांबे का सिक्का

परंपरा के अनुसार भाई भी बहन को राखी के बदले उपहार देता है। ज्योतिषीय दृष्टि से यदि इस उपहार में एक तांबे का सिक्का अथवा तांबे की कोई वस्तु शामिल की जाए, तो यह दोनों के बीच के रिश्ते में मिठास और स्थायित्व लाने में सहायक मानी जाती है, क्योंकि तांबा सूर्य ग्रह से संबंधित है और यह आत्मबल तथा संबंधों की मजबूती का प्रतीक है।

उपाय 6: विष्णु सहस्रनाम अथवा हनुमान चालीसा का पाठ

राखी बांधने के पश्चात यदि संभव हो तो भाई-बहन दोनों को साथ बैठकर विष्णु सहस्रनाम अथवा हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। यह पाठ न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इससे नकारात्मक ग्रहों का प्रभाव न्यून होता है और दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

उपाय 7: दीपक जलाकर आयु वृद्धि का संकल्प

राखी बांधने की रस्म में उपयोग किया जाने वाला दीपक विशेष महत्व रखता है। इस दीपक में शुद्ध घी का प्रयोग करें, तेल के स्थान पर घी को अधिक शुभ माना जाता है। आरती उतारते समय मन ही मन भाई की दीर्घायु और सुख-समृद्धि का संकल्प लें। ज्योतिष के अनुसार दीपक अग्नि तत्व का प्रतीक है, और घी के दीपक से की गई प्रार्थना शीघ्र फलदायी मानी जाती है।

उपाय 8: पीपल वृक्ष के नीचे जल अर्पण

यदि रक्षाबंधन के दिन सुबह के समय संभव हो, तो बहन को पीपल के वृक्ष के नीचे जल अर्पित करना चाहिए और भाई की दीर्घायु की प्रार्थना करनी चाहिए। पीपल वृक्ष को ज्योतिष में देवताओं का वास स्थान माना जाता है, और इसकी पूजा से शनि तथा अन्य ग्रह दोषों की शांति होती है, जिससे भाई के जीवन में स्थायित्व आता है।

उपाय 9: मिठाई में तुलसी दल का प्रयोग

राखी बांधने के पश्चात भाई को खिलाई जाने वाली मिठाई में यदि एक तुलसी का पत्ता भी शामिल किया जाए, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। तुलसी को भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय वनस्पति माना गया है, और इसका सेवन स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ आध्यात्मिक शुद्धता भी प्रदान करता है।

उपाय 10: गरीबों को अन्नदान

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के पश्चात यदि परिवार मिलकर किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन अथवा वस्त्र दान करे, तो यह उपाय समस्त शुभ फलों को कई गुना बढ़ा देता है। ज्योतिष शास्त्र में दान को ग्रह दोषों की शांति और सौभाग्य वृद्धि का सबसे प्रभावी उपाय माना गया है, विशेषकर शुभ तिथि पर किया गया दान विशेष फलदायी होता है।

उपाय 11: भाई की जन्म राशि अनुसार विशेष मंत्र जाप

यदि भाई की जन्म राशि ज्ञात हो, तो उस राशि के स्वामी ग्रह से संबंधित मंत्र का जाप राखी के दिन करना विशेष लाभकारी माना जाता है। उदाहरण के लिए यदि भाई की राशि मेष अथवा वृश्चिक हो, तो "ॐ अंगारकाय नमः" मंत्र का जाप मंगल ग्रह की शुभता बढ़ाता है। इसी प्रकार प्रत्येक राशि के लिए उसके स्वामी ग्रह का विशेष मंत्र लाभकारी सिद्ध होता है।

उपाय 12: राखी को पूजा स्थान पर रखकर अभिमंत्रित करना

राखी बांधने से पहले उसे कुछ समय के लिए पूजा घर में भगवान के समक्ष रखना चाहिए, ताकि वह दैवीय ऊर्जा से अभिमंत्रित हो सके। इसके पश्चात ही उसे भाई की कलाई पर बांधना चाहिए। यह छोटी सी प्रक्रिया राखी की ऊर्जा को कई गुना बढ़ा देती है, ऐसा ज्योतिष ग्रंथों में उल्लेख मिलता है।

जब ये सभी ज्योतिषीय उपाय श्रद्धा और विश्वास के साथ किए जाते हैं, तो रक्षाबंधन का पर्व केवल एक पारंपरिक रस्म न रहकर, भाई के जीवन में वास्तविक सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक शक्तिशाली अवसर बन जाता है। इन उपायों से न केवल भाई की आयु और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है, बल्कि पूरे परिवार में सुख-समृद्धि और सौहार्द का वातावरण बना रहता है।

यदि आप अपने भाई की कुंडली के अनुसार सबसे प्रभावी और व्यक्तिगत उपाय जानना चाहती हैं, तो astropujatirth.com पर ज्योतिषाचार्य प्रशांत दैवज्ञ से आज ही संपर्क करें और रक्षाबंधन को और भी शुभ फलदायी बनाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: राखी बांधने से पहले कौन सा उपाय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है? उत्तर: राखी बांधने से पूर्व भगवान गणेश की पूजा करना सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इससे कार्य में आने वाले सभी विघ्न दूर होते हैं और शुभता की शुरुआत होती है।

प्रश्न 2: रुद्राक्ष युक्त राखी किसके लिए विशेष लाभकारी मानी जाती है? उत्तर: जिन भाइयों की कुंडली में शनि, राहु अथवा केतु से संबंधित दोष हो, उनके लिए रुद्राक्ष युक्त राखी विशेष रूप से लाभकारी और सुरक्षा प्रदान करने वाली मानी जाती है।

प्रश्न 3: राखी के दिन दान का क्या महत्व है? उत्तर: दान को ग्रह दोषों की शांति का सर्वाधिक प्रभावी उपाय माना गया है। शुभ तिथि पर किया गया दान समस्त शुभ फलों को कई गुना बढ़ा देता है।

प्रश्न 4: क्या भाई की राशि अनुसार विशेष मंत्र जाप करना चाहिए? उत्तर: हां, भाई की जन्म राशि के स्वामी ग्रह से संबंधित मंत्र का जाप राखी के दिन करने से उस ग्रह की शुभता बढ़ती है और विशेष लाभ प्राप्त होता है।

प्रश्न 5: राखी को बांधने से पहले अभिमंत्रित करना क्यों आवश्यक है? उत्तर: राखी को पूजा स्थान पर भगवान के समक्ष रखने से वह दैवीय ऊर्जा से युक्त हो जाती है, जिससे उसकी शुभता और सुरक्षा प्रदान करने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख सामान्य ज्योतिषीय जानकारी पर आधारित है। व्यक्तिगत उपाय हेतु किसी योग्य ज्योतिषी से परामर्श अवश्य करें।

लेखक: Admin

श्रेणी: सावन स्पेशल

प्रकाशन तिथि: 9 अगस्त 2026

स्थिति: प्रकाशित