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महामृत्युंजय मंत्र जाप
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महामृत्युंजय मंत्र जाप

महामृत्युंजय मंत्र जाप

(मानक/सवा लाख जाप) गंभीर बीमारियों, अकाल मृत्यु के भय और असाध्य रोगों से सुरक्षा के लिए।

Price

₹41000

Duration

1000 min

पूजा विवरण

महामृत्युंजय मंत्र जाप

महामृत्युंजय मंत्र को सनातन धर्म में सबसे शक्तिशाली और चमत्कारी मंत्रों में से एक माना गया है। यह मंत्र भगवान शिव को समर्पित है और ऋग्वेद में इसका उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि यह मंत्र मृत्यु के भय को दूर करने, दीर्घायु प्रदान करने तथा जीवन की हर बाधा से रक्षा करने की अद्भुत शक्ति रखता है। इसी कारण इसे "मृत्युंजय" अर्थात मृत्यु पर विजय प्राप्त करने वाला मंत्र कहा जाता है।

1. आरोग्य व दीर्घायु प्राप्ति महामृत्युंजय मंत्र जाप का सबसे प्रमुख लाभ स्वास्थ्य से जुड़ा है। गंभीर बीमारी, दुर्घटना के भय, शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) से पूर्व अथवा किसी असाध्य रोग से पीड़ित व्यक्ति के लिए यह मंत्र जाप अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इससे शारीरिक व मानसिक शक्ति बढ़ती है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

2. अकाल मृत्यु व अनिष्ट से रक्षा यह मंत्र अकाल मृत्यु के भय, दुर्घटनाओं, तथा अनिष्ट शक्तियों से रक्षा करने में सहायक माना जाता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में मृत्युतुल्य कष्ट के योग हों या जो बार-बार दुर्घटनाओं का सामना कर रहे हों, उनके लिए यह जाप विशेष रूप से फलदायी है।

3. मानसिक शांति व भय से मुक्ति आज के तनावपूर्ण जीवन में मानसिक अशांति, चिंता, अनिद्रा व अकारण भय की समस्या आम हो गई है। महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप मन को स्थिर करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है और नकारात्मक विचारों को दूर कर मानसिक शांति प्रदान करता है।

4. ग्रह दोष व नकारात्मक ऊर्जा का निवारण यह मंत्र कुंडली में शनि, राहु-केतु या अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करने में सहायक माना जाता है। साथ ही घर या जीवन में व्याप्त नकारात्मक ऊर्जा, वास्तु दोष तथा बुरी नजर के प्रभाव को दूर करने के लिए भी इसका जाप किया जाता है।

5. रोग निवारण व शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक आयुर्वेद व ज्योतिष दोनों में यह माना गया है कि महामृत्युंजय जाप से रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है और उपचाराधीन व्यक्ति शीघ्र स्वस्थ होता है। विशेष रूप से जब चिकित्सा उपचार के साथ श्रद्धापूर्वक यह जाप करवाया जाए तो इसका प्रभाव अधिक शुभ माना जाता है।

6. परिवार में सुख-समृद्धि व सुरक्षा इस मंत्र का जाप केवल व्यक्तिगत लाभ ही नहीं, बल्कि संपूर्ण परिवार की सुरक्षा, सुख-शांति व समृद्धि के लिए भी किया जाता है। यह परिवार के सदस्यों को नकारात्मक शक्तियों व अनिष्ट घटनाओं से बचाने में सहायक माना जाता है।

7. आध्यात्मिक उन्नति व आत्मबल में वृद्धि नियमित जाप से व्यक्ति के भीतर आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है, आत्मबल बढ़ता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण उत्पन्न होता है।

8. सवा लाख (1,25,000) महामृत्युंजय जाप का विशेष महत्व शास्त्रों में सवा लाख महामृत्युंजय मंत्र जाप को सबसे अधिक फलदायी व संपूर्ण अनुष्ठान माना गया है। यह विशेष रूप से गंभीर व असाध्य रोगों, जीवन पर आए बड़े संकट, अकाल मृत्यु योग के निवारण, या किसी विशेष मनोकामना (जैसे संतान प्राप्ति, गंभीर स्वास्थ्य समस्या से मुक्ति, न्यायालयीन मामलों में विजय) की पूर्ति हेतु करवाया जाता है। सवा लाख जाप के पूर्ण होने पर हवन व पूर्णाहुति अवश्य की जाती है, जिससे संकल्प की सिद्धि पूर्ण फलदायी होती है। यह अनुष्ठान सामान्यतः कई पंडितों द्वारा सामूहिक रूप से संपन्न किया जाता है ताकि निर्धारित समयावधि में जाप संख्या पूर्ण हो सके।

ऑनलाइन पूजा क्यों बुक करें? वर्तमान समय में व्यस्त जीवनशैली के कारण विधिवत मंत्र जाप स्वयं करना सभी के लिए संभव नहीं होता। ऐसे में Astro Puja Tirth पर अनुभवी एवं विद्वान आचार्यों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान व निर्धारित संकल्प के साथ महामृत्युंजय मंत्र जाप (नियमित संख्या अथवा सवा लाख जाप) ऑनलाइन बुक करवाया जा सकता है। पूजा की लाइव वीडियो सुविधा, संपूर्ण पूजा सामग्री तथा विश्वसनीय आचार्यों की उपलब्धता इसे घर बैठे भी उतना ही प्रभावशाली बनाती है जितना स्वयं उपस्थित होकर करवाई गई पूजा।

आज ही महामृत्युंजय मंत्र जाप बुक करें और शिव कृपा से दीर्घायु, आरोग्य, सुरक्षा व मानसिक शांति प्राप्त करें।

लाभ

अकाल मृत्यु से रक्षागंभीर रोगों और बीमारियों से मुक्तिमानसिक तनाव और चिंता का निवारणसकारात्मक ऊर्जा का संचारदीर्घायु की प्राप्तिभय और असुरक्षा की भावना का अंतग्रह दोषों (विशेषकर शनि और राहु-केतु) का शांत होनाआध्यात्मिक प्रगतिकुंडली के मारकेश योग के प्रभाव में कमीसुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धिनकारात्मक शक्तियों से सुरक्षामन की शांति और एकाग्रता

सामग्री

भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग
रुद्राक्ष की माला
बैठने का आसन
तांबे का लोटा
गंगाजल
शुद्ध जल
कच्चा दूध
दही
घी
शहद
शक्कर
सफेद चंदन या अष्टगंध
अक्षत (साबुत चावल)
जनेऊ
मौली (कलावा)
बेलपत्र
धतूरे का फल और फूल
आक के फूल
ताजे फल
तिल का तेल
दीपक
रुई की बत्ती
धूपबत्ती
कपूर