
नवग्रह पूजा
नवग्रह पूजा नौ ग्रहों — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु — को प्रसन्न करने के लिए की जाने वाली एक शक्तिशाली वैदिक पूजा है।
Price
₹5100
Duration
120 min
पूजा विवरण
नवग्रह पूजा
विवरण नवग्रह पूजा नौ ग्रहों — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु — को प्रसन्न करने के लिए की जाने वाली एक शक्तिशाली वैदिक पूजा है। जब कुंडली में कोई ग्रह अशुभ स्थिति में हो या गोचर के कारण पीड़ा दे रहा हो, तो यह पूजा ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा को शांत कर जीवन में सुख, समृद्धि और संतुलन लाने में सहायक होती है। हमारे अनुभवी और विद्वान पंडितों द्वारा शास्त्रोक्त विधि-विधान से यह पूजा संपन्न करवाई जाती है, जिसका लाइव प्रसारण भी उपलब्ध कराया जाता है।
लाभ (Benefits):
- ग्रहों की अशुभ दशा और महादशा के दुष्प्रभाव कम होते हैं
- मानसिक शांति और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है
- व्यापार, नौकरी और करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं
- स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में राहत मिलती है
- वैवाहिक जीवन में सामंजस्य और सुख की प्राप्ति होती है
- शनि, राहु-केतु जैसे क्रूर ग्रहों की पीड़ा शांत होती है
- घर-परिवार में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
- साढ़ेसाती व ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है
- नए कार्यों की शुरुआत में सफलता के योग बनते हैं
- कुंडली दोष निवारण में सहायक
पूजा सामग्री (Pooja Samagri): नवग्रह यंत्र, नवरत्न (या उनके उपरत्न), लाल कपड़ा, काला कपड़ा, सफेद कपड़ा, पीला कपड़ा, हरा कपड़ा, सुपारी, कलावा (मौली), रोली, चंदन, अक्षत (चावल), हल्दी, कुमकुम, अबीर, गुलाल, नारियल, पान के पत्ते, लौंग, इलायची, घी, तेल (सरसों/तिल), रुई की बाती, दीपक, धूपबत्ती, अगरबत्ती, कपूर, गंगाजल, दूध, दही, शहद, शक्कर, फल (मौसमी), फूल (गुलाब, गेंदा), फूल माला, तुलसी पत्र, जौ, तिल, उड़द, गेहूं, मूंग, चना, कमल गट्टा, यज्ञोपवीत, हवन कुंड, हवन सामग्री, समिधा (आम की लकड़ी), नवग्रह स्तोत्र पुस्तक, कलश, आम के पत्ते, मिट्टी का दीपक, माचिस, आसन, थाली, लोटा-पात्र
दक्षिणा (Dakshina): ₹ 5100
